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  • Priti Shah   14 April 2018 10:42 AM

    कन्याकुमारी

    भारत के दक्षिणी छोर पर बसे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगर कन्याकुमारी में समुद्र के किनारे 3 वर्ष पहले निर्मित हुए एवं पूज्य आचार्य श्री मनीप्रभ सागर सूरिजी म.सा के करकमलों से प्रतिष्ठित भगवान महावीर स्वामी के विशाल एवं कलात्मक मंदिरजी की शोभा अत्यंत नयनरम्य एवं उल्लासकारी है। लेकिन इस मंदिरजी के निर्माण के भीतर की कहानी आपको विस्मित कर देगी। श्री जैन तीर्थ संस्थान, रामदेवडा के तत्वावधान में नागरकोइल, तिरुनेलवेली और मदुरै के जैन संघों ने मिलकर जब मंदिर निर्माण हेतु कन्याकुमारी में भूमि पूजन का आयोजन किया, तब एक दिन पहले वहां मच्छीमारों की अगुवाई करती एक समाजकंटक महिला अपने सैंकड़ों हथियारबंद साथियों के साथ आ धमकी और भूमि पूजन को रोकने की मांग करने लगी, जिसके एवज में एक मोटी रकम की मांग भी कर डाली। सब लोग बहूत डर गये,फिर इन संघों ने मिलकर वहां के कलेक्टर और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, और कलेक्टर द्वारा काफी तफ्तीश के बाद पता चला कि अगुवाई कर रही महिला पर पूर्व में हत्या और लूटपाट के कई केस दर्ज थे, और प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई कर उस महिला को सलाखों के पीछे कर दिया, और वो 3 वर्षों से जेल में ही है।
    श्री जैन तीर्थ संस्थान रामदेवडा, एक ऐसी संस्था है जिसके दो मकसद है: पहला भारत के ऐसे सभी लोकप्रिय स्थलों पर जिन मंदिर बनवाना ताकि जब भी जैन साधु-साधवी वहां विचरण करे तो उन्हें जिन मंदिर और प्रतिमाजी के दर्शन और गोचरी-पानी की सुलभता हो। दूसरा पर्यटक स्थलों पर लोगों का खूब आवागमन होता है, और जैन भक्तों के लिए उनके नित्यक्रम और पूजा पाठ आदि की सहूलियत हो, ठहरने की सस्ती और सुलभ व्यवस्था हो और सात्विक भोजन के अलावा आयंबिल/एकासना की व्यवस्था भी उपलब्ध हो। इसी के मद्देनजर इस संस्थान ने कोडाइकनाल,मदुराई,रामदेवडा (राजस्थान)और कन्याकुमारी में जिन मंदिर का निर्माण किया। आगे रामेश्वरम में मंदिर हेतु 4एकड ज़मीन खरीद ली गई है। यहां एक बात विचारणीय है कि नागरकोइल, और आसपास के कई क्षेत्रों में कई जैन मंदिरों को हिन्दू मंदिरों में तब्दील किया गया है। जिन प्रतिमाओं को कपड़े आदि से श्रृंगारित कर हिन्दू देवी-देवताओं का रूप दिया गया है, और हिन्दू रिवाजों के अनुसार उनकी पूजा आदि किये जाते है। 
    कन्याकुमारी में पर्यटन की दृष्टि से सूर्यास्त बिंदु, विवेकानंद स्मारक, तीन महासागरों(हिन्द महासागर, बंगाल की खाड़ी, और अरब महासागर) का मिलन, आदि अपने जिन मंदिरजी से नजदीक में ही आये हुए हैं, और मंदिरजी के प्रांगण से मनोहारी दृश्य दृष्टिगोचर होता है। नागरकोइल से 20 की मि की दूरी पर बसे कन्याकुमारी नगर के रेलवे स्टेशन से मात्र 2 की.मी.की दूरी पर जिन मंदिर बसा है। नजदीक का हवाई अड्डा 100 की मि दूर तिरुवनंतपुरम है। यहां की आबादी 90 प्रतिशत धर्म परिवर्तित ईसाई है, और जैनों का एक भी घर नहीं है। मंदिरजी के पास में ही धर्मशाला है जिसमें 12 कमरे हैं, जो वातानुकूलित है(भाड़ा 750 रुपये) और अगर यात्री न चाहे तो तुरंत ही बिना वातानुकूल के कमरे (भाड़ा 450 रुपये) में तब्दील किया जा सकता है।सात्विक भोजन हेतु भोजनालय उपलब्ध है, और साधु-साध्वी के लिये उपाश्रय की भी व्यवस्था है।
    श्री महावीर जैन मन्दिर,
    वेस्ट कोवलम रोड,
    बस स्टेण्ड के पास,
    कन्याकुमारी (तमिलनाडू)
    फोन 04652 246240, 
    मो.9940868183


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