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  • लाइट ऑफ़ यूनिवर्स जैनिज़्म   28 January 2018 2:28 AM

    कुछ प्रमुख जीवों की वर्तमान पर्याय एवं भविष्य की स्थिति

    1. 24 तीर्थंकर -- तद्भव मोक्षगामी
    2. तीर्थंकर के पिता -- स्वर्ग या मोक्ष
    3. तीर्थंकर की माता -- स्वर्ग या मोक्ष
    4. 9 नारायण -- नियम से नरक
    5. 9 प्रतिनारायण -- नियम से नरक
    6. 9 बलभद्र -- स्वर्ग या मोक्ष
    7.12 चक्रवर्ती -- स्वर्ग, नरक या मोक्ष
    8. 24 कामदेव -- स्वर्ग या मोक्ष
    9. 14 कुलकर -- स्वर्ग
    10. 11 रूद्र -- नरक
    11. 9 नारद -- नरक
    12. दशरथ -- 13 वें स्वर्ग में
    13. कौशल्या -- 13 वें स्वर्ग में
    14. कैकई -- 13 वें स्वर्ग में
    15. सुमित्रा -- 13 वें स्वर्ग में
    16. सुप्रभा -- 13 वें स्वर्ग में
    17. जनक -- 13 वें स्वर्ग में
    18. भामण्डल -- देवकुरु भोग भूमि में
    19. राम -- तद्भव मोक्षगामी
    20. भरत -- तद्भव मोक्षगामी
    21. लक्ष्मण --वर्तमान में नरक , पुष्कर द्वीप के महाविदेह में पंचकल्यांकधारी तीर्थंकर होंगे।
    22. शत्रुघ्न -- तद्भव मोक्षगामी।
    23. सीता -- 16 वें स्वर्ग में प्रतीन्द्रदेव , रावण के जीव का गणधर बनके उसी भव से मोक्ष।
    24. लव-कुश -- तद्भवमोक्षगामी ।
    25. रावण -- तीसरे नरक में , भरत क्षेत्र में कई भव बाद पञ्च कल्यांकधारी तीर्थंकर होंगे ।
    26. कुम्भकरण -- तद्भवमोक्षगामी ।
    27. विभीषण -- तद्भवमोक्षगामी ।
    28. मेघनाथ -- तद्भवमोक्षगामी ।
    29. इंद्रजीत -- तद्भवमोक्षगामी ।
    30. मन्दोदरी -- स्वर्ग में।
    31. हनुमान -- तद्भवमोक्षगामी ।
    32. बालि -- कैलाश पर्वत से मोक्ष ।
    33. सुभद्रा -- सोलहवें स्वर्ग में ।
    34. युधिष्ठिर -- तद्भव मोक्षगामी ।
    35 .भीम -- तद्भव मोक्षगामी 
    36. अर्जुन -- तद्भव मोक्षगामी ।
    37. नकुल -- सर्वार्थसिद्धि ,वहाँ से चय करके अगले भव में मोक्ष जायेंगे
    38. सहदेव -- सर्वार्थसिद्धि ,वहाँ से चय करके अगले भव में मोक्ष जायेंगे।
    39. क्रष्ण -- पहले नरक में , एक सागर की आयु पूर्ण करके भरत क्षेत्र में 16 वें तीर्थंकर श्री निर्मल जी होंगे।
    40. जरत्कुमार -- नरक।
    41. गजकुमार -- तद्भव मोक्षगामी। सोमशर्मा ब्राह्मण ने सिर पर अंगीठी जलाई ,अन्तःकृत केवली हुए।
    42.दीपायनमुनि -- नरक। इनके क्रोध के निमित्त से द्वारिका नगरी भस्म हुई।
    43.कंस -- नरक। रौद्र परिणामी होने से बहुत अत्याचार किये अंत में क्रष्ण के हाथों मारा गया।
    44. देवकी -- स्वर्ग ।
    45. जरासिंध -- नरक ।
    46. रुक्मणी -- स्वर्ग । वहाँ से च्युत होकर मोक्ष जाएंगी।
    47. सत्यभामा , आदि क्रष्ण की 8 रानियाँ -- स्वर्ग । तदन्तर सभी तप करके मोक्ष जायेंगीं।
    48. द्रोपदी -- स्वर्ग।
    49. प्रधुम्न कुमार (क्रष्ण के पुत्र )-- तद्भव मोक्षगामी।
    50.भानु कुमार --(क्रष्ण के पुत्र )-- तद्भव मोक्षगामी।
    51.शम्भू कुमार -- (क्रष्ण के पुत्र )-- तद्भव मोक्षगामी।
    52.कीचक -- तद्भव मोक्षगामी।
    53.सुकमाल -- सर्वार्थसिद्धि , वहाँ से चयकर मनुष्यभव धारण कर मोक्ष जायेंगे।
    54.सुदर्शन -- तद्भव मोक्षगामी ( मथुरा से )।
    55.सुकौशल -- तद्भव मोक्षगामी। उसी भव की माता सहदेवी ने शेरनी की पर्याय में तपोरत सुकौशल के शरीर को खाया , उपसर्ग विजयी वनकर मोक्ष प्राप्त किया।
    56.श्रेणिक -- नरक में , क्षायिक सम्यकदर्शन , सोलहकारण भावनाएं भाईं, अगली चौबीसी में श्री महापदम् नामक प्रथम तीर्थंकर होंगे , जिनकी आयु 116 वर्ष की होगी।
    57. चेलना -- स्वर्ग में ,अगले भवों में मोक्ष जायेंगीं 
    58. मैनासुन्दरी -- सोलहवें स्वर्ग में , आर्यिका व्रत धारण कर स्त्री लिंग का छेदन कर सोलहवें स्वर्ग में बाईस सागर की आयु का देव हुईं।स्वर्ग की आयु पूर्ण कर मोक्ष जायेंगीं।
    59.चारुदत्त -- सर्वार्थसिद्धि , वहाँ से चय कर मनुष्य भव धारण कर मोक्ष जायेंगें।
    60. श्रीपाल -- तद्भव मोक्षगामी।


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