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  • जिन-गुरु अमृत-वाणी    06 November 2017 8:54 AM

    आवश्यक संकल्प

    आइये चातुर्मास पूर्ण होने के पूर्व अपने तीर्थाधिराज ( पालीताना ) की रक्षा और पवित्रता बनाये रखने के लिए कुछ संकल्प करें

     1. में संकल्प करता हूँ कि यात्रा डोलिवाहक और मजदूर की मदद के बिना करूँगा 

    क्यों कि डोलिवाहक मेरे गिरराज पर जमीकंद, मांसमदिरा, शौच , थूकना , अपशब्द ,ताश-जुआ व अन्य घोर अशातना करते है ओर में इसका प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष सहयोगी नही बन सकता l


    2. में संकल्प करता हूँ कि गिरिराज की यात्रा नवटूक से ही करूँगा

    नवटुक हमारी गरिमामयी ओर अलौकिक धरोहर है, मेरे प्रमाद ओर उपेक्षा की वजह से हमारी बहुत से तीर्थ आज विवादास्पद है। बस अब ओर नही....

    3. में संकल्प करता हूँ कि तीर्थ पर तीर्थ की गरिमा अनुसार ही वेश धारण करूँगा

    ध्यान रखूंगा की कंही मेरे ओर मेरे परिवार के वस्त्र किसी की दृष्टि दोष का कारण तो नही बन रहे l

    4. में संकल्प करता हूँ कि पालीताना में सिर्फ भोजनशाला ओर भाताखाता में भोजन करूँगा l

    मेरे थोड़े से स्वाद-शोक के लिए पालीताना में अतिक्रमण /गन्दगी /अभक्ष्य /जमीकंद को बढ़ावा नही दूंगा न ही पिकनिक स्थल बनने दूंगा l


    5. में संकल्प करता हूँ कि बक्षिस हमेशा बक्षीस पेटी में डालूंगा
    बक्षिस हमेशा कार्य को प्रभावित करती है पर में आज की स्वार्थी सुविधा को भविष्य की समस्या नही बनने दूंगा l

    •  तीर्थ मेरा इसलिए ज़िम्मेदारी भी मेरी

    में संकल्प लेता हूं कि में अपने किसी भी वर्तन, आचरण ओर प्रवर्ति से ऐसे किसी कार्य का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सहभागी नही बनुंगा जो गिरिराज की पवित्रता, गरिमा और तीर्थ रक्षा को प्रभावित करती हो 

     

    •  जय गिरिराज
    •  जय आदिनाथ

    आशा है : आपने निश्चित ही संकल्प कर लिया होगा, बस अब अपने परिवार, इष्टमित्रों व स्वजनों को भी इस संकल्प के लिए जागरूक करके प्रेरित करे ओर तीर्थ रक्षा के सहभागी बने और आशातना से बचे l


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